Protest against AIR by CPI(M) at Ranchi

20881965_1599022093475882_3217611590508296305_nA protest demonstration was organised by CPI(M) Jharkhand State Committee at AIR & Doordarshan Station at Ranchi in protest against the incidence on the occasion of Independence Day, wherein the Prasar Bharati refused to broadcast the speech of Manik Sarkar, the Chief Minister of Tripura. Continue reading

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Man died of lynching at Ramgarh

Ramgarh lynching 01State Secretary of CPI(M) Gopikant Baksi at the burial of Alimuddin Asgar Ali as a member of the fact finding team that visited Ramgarh after he died of lynching by a 100 strong mob yesterday on accusations of carrying beef.
This is the second such incident in Jharkhand in the last few days after a 55 year old diary farmer was lynched at Giridih.
The team strongly condemned the incidents of lynching throughout the country by cow protection groups to monger communal hatred and serve vested political interests. Continue reading

Protest against forcible land acquisition at Godda

 

Prakash Viplav

In the district of Godda, Santhal Pargana region, a power plant with capacity of 1600 mw electricity is set-up by Prime Minister’s most favourite person Mr. GOUTAM ADANI, and for this purpose Adani Power Ltd. need five thousand acre of land. To fulfil this need Godda administration is trying to acquire land by hook or crook in the direction of BJP led government in Poraiyahaat & Godda block of the district. The villagers are opposing this process because this procedure happening by conducting false   gram sabha and public hearing. Continue reading

CPIM visited waterless village at Jharkhand

latehar water crisis 01झारखंड, लातेहार।

आदिवासी व आदिम जाति के परिवार, पशुओं और जंगली जानवरों की जुठे व दुषित पानी से बुझा रहे हैं आपनी प्यास।

CPIM ने किया पेयजल संकट चटुआग गांव का दौरा

विभाग और पंचायत प्रतिनिधियो की लापरवाही से जानवरों की जुठे पानी पीने को विवश हैं आदिवासी ग्रामीण। सरहुल पुजा भी ईसी जुठे पानी से किया जाता है, यह मामला झारखंड के जिला लातेहार अंतर्गत प्रखंड चंदवा के कामता पंचायत के ग्राम चटुआग की परहैया टोला पहना पानी की है। जहां पेयजल संकट की समस्या गहराया हुआ है, टोले के आदिवासी, आदिम जाति परिवार, व पशु, कुत्ता, बिल्ली और जंगली जानवर नाला मे बने एक ही चुआंडी से दुषित पानी का सेवन कर अपनी प्यास बुझा रहे हैं, विभाग और पंचायत प्रतिनिधियो की लापरवाही के कारण वर्षो से ग्रामीण, पशुओं और गली जानवरों के जुठे पानी पीने को विवश है. Continue reading

जल जंगल जमीन खनिज की रक्षा करो

जल जंगल जमीन व खनिज सम्पदा की रक्षा के लिए आठ अप्रैल को राँची चलो ।
सी एन टी, एस पी टी एक्ट में संशोधन वापस लो, रधुवर हटाओ राज्य बचाओ। 

koderma 01भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) सी पी आई एम जिला कमिटी की विस्तारित बैठक कोडरमा में जिला कमिटी सदस्य महेश भारती की अध्यक्षता में सम्पन हुई ।बैठक में जिला सचिव रमेश प्रजापति ने विगत कार्यो का रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि केंद्र की भाजपानीत मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियो के कारण मजदूर किसान छात्र नौजवान समेत आम जनता महंगाई बेरोजगारी और गरीबी के अनगिनत संकटो से घिर गई है। सार्वजनिक क्षेत्रो को निजीकरण की प्रक्रिया तेज कर किसानों की जमीन जबरन अधिग्रहित कर पूँजीपतियो को सौपी जा रही है ।वही दूसरी और राज्य में तानाशाह रधुवर सरकार भी मोदी के नक्शे कदम पर चल कर जनतंत्र का गला घोंट रही है। Continue reading

मोमेंटम झारखण्ड के पीछे की राजनीति

भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार या पूंजीपरस्त मीडिया हमें जो भी समझाने पे आमादा हो, हमें मोमेंटम झारखण्ड के पीछे की राजनीति को समझाना होगा| यदि हम झारखण्ड की समाज-व्यवस्था को देखें, तो निश्चित तौर पे यहाँ खासकर यहाँ के ग्रामीण इलाकों में पूंजीवाद का असर सीमित है| पर साथ ही यहाँ के समाज को हम सनातन (क्लासिकल) सामंती समाज भी नहीं कह सकते| बल्कि अगर देखा जाय तो झारखण्ड के देहातों में खास कर आदिवासी बहूल क्षेत्रों में आज भी आदिम साम्यवादी समाज के अवशेष बचे हुए हैं| गाँव के चरागाहों पर, जलाशयों पर, जंगलों पर आज भी सामाजिक मिलकियत यहाँ दिखाई देता है| Continue reading

Momentum Jharkhand — श्रम एवं रोजगार

“www.Momentum Jharkhand” वेब साईट पर उपलब्ध दस्तावेजो के मुताबिक झारखंड सरकार  ने 210 MoUs के रास्ते 3.5 लाख करोड़ के निवेश पर हस्ताक्षर किये , 6 लाख (2लाख प्रत्यक्ष एवं  4 लाख अप्रतक्ष्य ) रोजगार 14 क्षेत्र के 88 प्रोजेक्ट मे मिलेंगे .  अधिकांश क्षेत्र, सघन श्रम आधारित नही है .

झारखंड सरकार द्वारा पूर्ववर्ती MOU के हालात :- झारखंड सरकार के उद्योग विभाग द्वारा 2010 मे झारखंड उच्च न्य्यालय को  दिये गए  एफिडेविट के मुताबिक  74 MoU किये गए जिनमे   16 आंशिक रूप से लागु हुए ,19 निरस्त हो गए ,5 निरस्त होने के क्रम मे है . Continue reading